दुनिया को बचाने का अंतिम तरीका

जिस तरह से दुनिया भागी जा रही है . इसे बचने का अंतिम तरीका क्या हो सकता है. ज्ञान इतना बढ़ रहा है. कि मनुष्य पैदा होगा और सिर्फ ज्ञान ही लेता रहेगा और ज्ञान  बढ़ता चला  जायेगा.

अब इसका क्या असर हो रहा है. यह देखने के लिए हम एक जीवन देखते हैं.

एक मेट्रो शहर मैं रहने वाला एक व्यक्ति सुबह ८ बजे उठकर ऑफिस जाता है. ऑफिस मैं टेंशन भरी लाइफ जीता है. इस के साथ उसे अपने जीवन में नौकरी करने के लिए रोज़ एक नयी बात सीखनी पड़ती है.

कोई पेन ड्राइव बनी पड़ेगी जो कि सारा सब्जेक्ट उसके दिमाग मैं फिट करते ही सारा नॉलेज उसके दिमाग मैं चला जाए.

और एक मोबाइल और सिम कार्ड भी फिट करना होगा. समय नहीं है उसके पास कि इतना सब कैर्री करना पड़े.